पूज्य गुरु श्री हनुमान जी चौहान के सान्निध्य में भीलवाड़ा में दिव्य हीलिंग शिविर का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस शिविर में दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गुरुजी के आशीर्वाद से आध्यात्मिक एवं शारीरिक लाभ प्राप्त किया।
गुरुजी द्वारा प्रदत्त विशेष स्पर्श चिकित्सा, ध्यान साधना और मंत्र ऊर्जा के माध्यम से अनेक लोगों ने जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, सिरदर्द तथा मानसिक तनाव से राहत का अनुभव किया। शांत वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण यह शिविर प्रतिभागियों के लिए एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव सिद्ध हुआ।
17 जनवरी 2026 को आयोजित दिल्ली दिव्य उपचार शिविर गुरु कृपा और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर उपस्थित भक्तों ने आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा तथा दिव्य आशीर्वाद का लाभ प्राप्त किया।
गुरु जी के प्रेरणादायी वचनों, दिव्य मार्गदर्शन और कृपालु आशीर्वाद से उपस्थित भक्तों के जीवन में नई चेतना, आत्मिक बल एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। उनके अमृतमय सत्संग ने प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय को आध्यात्मिक शांति से परिपूर्ण कर दिया तथा जीवन के प्रति नई दृष्टि प्रदान की। शिविर के दौरान भक्तों ने भक्ति, साधना और गुरु कृपा का अनुपम अनुभव प्राप्त किया, जिससे उनके मन, वचन और कर्म में पवित्रता एवं स्थिरता का भाव विकसित हुआ।
केरू धाम आश्रम, जोधपुर के पूज्य संत श्री हनुमान चौहान गुरु जी 10 जनवरी 2026 को श्रीगंगानगर पधारकर अपनी दिव्य उपस्थिति से श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। यह विशेष दिव्य हीलिंग शिविर प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा तथा गुरु जी की कृपा का लाभ प्राप्त होगा।
यह पावन आयोजन भक्ति, साधना और आंतरिक उत्थान का एक अनूठा अवसर होगा। श्रीगंगानगर में आयोजित यह दिव्य हीलिंग शिविर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। गुरु जी के प्रेरणादायी वचनों और कृपालु आशीर्वाद से सहभागी अपने जीवन में नई जागरूकता, आत्मिक शक्ति और आध्यात्मिक प्रगति का अनुभव करेंगे।
केरू धाम आश्रम, जोधपुर के परम पूज्य हनुमान चौहान गुरु जी 14 दिसंबर 2025 को राजस्थान के सीकर में अपने दिव्य सान्निध्य से भक्तों को कृतार्थ करने पधारे। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित इस पावन उपचार शिविर में श्रद्धालुओं ने गुरु जी के दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा, आशीर्वाद और जीवन मार्गदर्शन प्राप्त किया।
यह पावन अवसर आत्मिक शांति, भक्ति और सकारात्मकता से परिपूर्ण रहा। सीकर, राजस्थान में आयोजित यह शिविर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला था। गुरु जी के दिव्य उपदेश और सान्निध्य ने उपस्थित सभी भक्तों को नई प्रेरणा और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान की।
केरू धाम आश्रम, जोधपुर के परम पूज्य हनुमान चौहान गुरु जी 9 नवंबर 2025 को नोएडा में अपने दिव्य सान्निध्य से भक्तों को कृतार्थ करने पधारे थे। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित इस पावन कार्यक्रम में भक्तगणों ने गुरु जी के दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा, आशीर्वाद और जीवन मार्गदर्शन प्राप्त किया।
यह अवसर आत्मिक शांति, भक्ति और सकारात्मकता से परिपूर्ण रहा। D.S. Grand, सेक्टर 73, नोएडा में आयोजित यह आयोजन सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला था। गुरु जी के दिव्य उपदेश और सान्निध्य ने सभी को नई प्रेरणा और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान की।
जयपुर की पावन भूमि पर आयोजित इस दिव्य हीलिंग शिविर में गुरुजी की दिव्य उपस्थिति और साधना ने एक आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। शिविर की शुरुआत ध्यान सत्र और मंत्र जाप के साथ हुई, जिसके बाद गुरुजी द्वारा विशेष "स्पर्श ऊर्जा चिकित्सा" दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने साझा किया कि उनकी पुरानी पीड़ाएं – जैसे कमर दर्द, तनाव, अनिद्रा, थकान – सहज रूप से कम हुईं और उन्होंने भीतर से शांति और हल्कापन महसूस किया। यह शिविर न केवल उपचार का केंद्र बना, बल्कि आध्यात्मिक पुनर्जागरण का एक प्रेरणादायक माध्यम भी रहा।
पूज्य गुरु श्री हनुमान जी चौहान के सान्निध्य में उदयपुर में दिव्य हीलिंग शिविर का भव्य आयोजन हुआ। यह शिविर उन सभी के लिए एक आशा की किरण बना, जो वर्षों से शारीरिक और मानसिक पीड़ाओं से जूझ रहे थे। गुरुजी की विशेष "मोरपंख स्पर्श चिकित्सा" और ध्यान साधना के माध्यम से श्रद्धालुओं को बिना औषधि के चमत्कारी लाभ प्राप्त हुआ।
इस आयोजन में अनेक लोगों ने घुटनों के दर्द, पीठ की समस्या, माइग्रेन और मानसिक तनाव से राहत पाई। शांत वातावरण, मंत्रोच्चारण और गुरु कृपा से युक्त यह शिविर न केवल चिकित्सा का माध्यम बना, बल्कि आत्मिक जागरण और सकारात्मक ऊर्जा का भी अद्भुत अवसर सिद्ध हुआ।
राजधानी दिल्ली में आयोजित दिव्य हीलिंग शिविर में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखने को मिली। पूज्य गुरु श्री हनुमान जी चौहान द्वारा दिए गए ध्यान, प्राणिक ऊर्जा उपचार और करुणामयी स्पर्श से अनेक पीड़ितों ने अपने रोगों से मुक्ति की अनुभूति की।
इस शिविर की विशेषता यह रही कि यहाँ केवल उपचार नहीं, बल्कि भीतर से आत्मशक्ति जागरण का अनुभव हुआ। अनेक श्रद्धालुओं ने साझा किया कि उन्हें वर्षों पुरानी पीड़ा से छुटकारा मिला और जीवन में नई स्फूर्ति एवं विश्वास का संचार हुआ।